Breaking News
NEET फिर से आयोजित किया जाना चाहिए: बालाजी सिंह
पाकिस्तान
आत्मघाती हमले में 5 चीनी नागरिक की हत्या की जांच करने के लिए चीन से जांचकर्ता पाकिस्तान पहुंचे
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति ने लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया, वीप के साथ पीएम मोदी भी मौजूद
मुकेश अंबानी ने श्लोका मेहता की सराहना की
मुकेश अंबानी ने श्लोका मेहता की सराहना की, कहा कि वह ‘गर्मजोशी और ज्ञान बिखेरती हैं’।
द ग्रेट इंडियन कपिल शो
द ग्रेट इंडियन कपिल शो में रणबीर कपूर और कपिल शर्मा की तस्वीरें वायरल
'लॉटरी किंग' सैंटियागो मार्टिन
‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन कंपनी ने किस फायदे के लिए ज्यादातर चुनावी बॉन्ड टीएमसी, डीएमके और वाईएसआरसीपी को दिए हैं?
मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल अटैक लाइव: रूस में आतंकी हमले में 143 लोगों की मौत
रूस मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल में आतंकी हमले में 143 लोगों की मौत
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को अपना सबसे करीबी सहयोगी बताया।
अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया।
'इंडिया में बवाल' राम मंदिर पर लालू की न, नीतीश की चुप्पी, फारूक अब्दुल्ला की हां

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने से इनकार करने वालों में मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ अब लालू यादव और तेजस्वी यादव का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि इंडी अलायंस में शामिल कई नेता पार्टी लाइन तोड़ कर शामिल होने की घोषणा कर चुके हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अभी तक इस मुद्दे पर अपनी जुबान नहीं खोली है। उनकी चुप्पी से सस्पेंस बना हुआ है?

हाइलाइट्स

  • राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने विपक्ष को बांट दिया
  • शीर्ष नेताओं का इनकार, फिर भी कई कांग्रेसी नेता जाएंगे
  • नेशनल कांफ्रेस के फारूक अब्दुल्ला की भी जाने की इच्छा
  • लालू-तेजस्वी ने तो समारोह में जाने से साफ मना कर दिया

अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन कर तैयार है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होना है। निमंत्रण पत्र बांटे जा रहे हैं। राजनेताओं से लेकर फिल्मी हस्तियों तक को निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं।

भाजपा के नेताओं ने तो इसे अपना आयोजन ही बना लिया है। मंदिर के शिलान्यास की पहली ईंट रखने वाले बिहार के ही कामेश्वर चौपाल लालू यादव के परिवार और नीतीश कुमार को न्यौता देने आए थे। हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। खैर, निमंत्रण तो दोनों के घर पहुंच गया है।

अखिलेश यादव और शरद पवार 22 के बाद जाएंगे

निमंत्रण पत्र मिलने की बात सबसे पहले कांग्रेस ने कबूल की थी। पर, कांग्रेस ने इसे भाजपा और आरएसएस का इवेंट बता कर जाने से साफ मना कर दिया। नीतीश कुमार ने न निमंत्रण पत्र मिलने की पुष्टि की है और न जाने के बारे में अभी तक कुछ कहा है। पर, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने जाने से साफ मना कर दिया है।

उनके बेटे और बिहार के डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने तो मंदिर की जरूरत पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। वे कहते हैं कि कोई बीमार होता है तो पहले अस्पताल जाता है या मंदिर ? खैर, इन लोगों से ज्यादा समझदार समाजवादी पार्टी के नेता यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार निकले। उन्होंने सीधे ना कहने की बजाय यह कहा कि वे 22 को नहीं जा पाएंगे, पर उसके बाद दर्शन जरूर करेंगे।

'इंडिया में बवाल' राम मंदिर पर लालू की न, नीतीश की चुप्पी, फारूक अब्दुल्ला की हां
‘इंडिया में बवाल’ राम मंदिर पर लालू की न, नीतीश की चुप्पी, फारूक अब्दुल्ला की हां

नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला अयोध्या जाएंगे

नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट कहा है कि राम सबके हैं। यह खुशी की बात है कि राम का भव्य मंदिर बन गया। राम हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबके आदर्श हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि न्यौता मिला तो वे 22 जनवरी को अयोध्या जरूर जाएंगे।

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडी अलायंस के पार्टनर फारूक भी हैं। जिस तरह विपक्षी नेताओं ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कन्नी काटनी शुरू की है, वैसे में फारूक अब्दुल्ला की भावना विपक्ष की आंख खोलने वाली है।

राहुल, सोनिया और खरगे ने जाने से किया है इनकार

प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करने को लेकर कांग्रेस में दो खेमे बन गए हैं। कुछ नेता समारोह में जाने की घोषणा कर चुके हैं तो उनके शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा और आरएसएस का इवेंट बता कर शामिल होने से इनकार कर दिया है। हालांकि कांग्रेस नेता यह भी कहते हैं कि राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त करने में उनके नेता स्व. राजीव गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रधानमंत्री रहते राजीव गांधी ने ही मंदिर का ताला खुलवाया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्यौता मिलने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा था कि अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद अधीर रंजन चौधरी शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा है कि यह आरएसएस और भाजपा का कार्यक्रम है।

शीर्ष नेतृत्व के इनकार के बावजूद कई कांग्रेसी जाएंगे

यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का संकेत दिया है। उन्होंने खुशी जताई है कि उनकी जन्म-कर्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर बन कर तैयार हो गया है। अपने को राम भक्त बताते हुए उन्होंने कहा कि वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 22 को अयोध्या जरूर जाएंगे।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इनकार के बाद उनका फैसला थोड़ा अटपटा लगता है। हिमाचल प्रदेश में तो इस मुद्दे पर कांग्रेस दो धड़ों में बंटी दिख रही है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 98 प्रतिशत आबादी हिन्दू है|

जिसकी आस्था राम में है। प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने तो प्राण प्रतिष्ठा समारोह को ऐतिहासिक तक बता दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने आमंत्रण के लिए आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद का भी आभार जताया। उन्होंने कहा- ‘ऐसे अवसर जीवन में बहुत कम मिलते हैं। वह इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह जरूर बनेंगे।’

कांग्रेस हवा के रुख को पहचानने में करती रही भूल

वर्ष 2014 से लेकर अब तक कांग्रेस हवा का रुख भांपने में अक्सर मात खाती रही है। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की पराजय के बाद ए. के. एंटनी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने हार की वजह पता करने के लिए कमेटी बनाई थी। एंटनी ने अपनी रिपोर्ट में हार के लिए कांग्रेस की अल्पसंख्यकों की पक्षधरता को जिम्मवार माना था।

ए.के. एंटनी ने कहा कि कांग्रेस के लिए हिंदुओं के वोट काफी मायने रखते हैं। हिन्दू वोट के प्रति कांग्रेस ने आग्रह दिखाया तो 2024 में पार्टी के लिए चमत्कार हो सकता है। कांग्रेस ने एंटनी की सलाह पर गौर नहीं फरमाया। नतीजतन 2019 भी कांग्रेस के लिए शुभ नहीं रहा। राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के रुख से 2024 भी कांग्रेस के हाथ से फिसल जाए तो कोई आश्चर्य नहीं।

विपक्षी एकता के सूत्रधार नीतीश ने नहीं खोले हैं पत्ते

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को भी अयोध्या जाने का न्यौता गया है। हालांकि इस बारे में उन्होंने अपनी ओर से कुछ नहीं बताया है। वे कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं, इसे लेकर भी सस्पेंस बरकरार है। इसलिए कि उनके एनडीए में लौटने की अटकलें भी लग रही हैं। माना जा रहा है कि अगर नीतीश प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करते हैं तो इसका यही संदेश होगा कि वे एनडीए में जा रहे हैं।

बिहार में आरजेडी के साथ नीतीश सरकार चला रहे हैं। आरजेडी के नेताओं ने न सिर्फ जाने से मना कर दिया है, बल्कि मंदिर और हिन्दू देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाना भी शुरू कर दिया है। नीतीश की इस मुद्दे पर चुप्पी से राज गहरा रहा है। खैर, आयोजन में चार दिन ही बचे हैं। देखना है कि राम जी इस बार किसका बेड़ा पार लगाते हैं।

Back To Top